बिटकॉइन के अलावा किसी भी ब्लॉकचेन प्रोटोकॉल से आने वाली सभी क्रिप्टोकरेंसी को ऑल्टकॉइन (Altcoins) कहा जाता है।

आम तौर पर, बिटकॉइन के रूप में ऑल्टकॉइन विकसित करने के लिए एक ही ढांचे का उपयोग किया जाता है, लेकिन इसमें माइनिंग की बेहतर प्रक्रिया, सस्ता या तेज लेन-देन सहित उन्नत सुविधाओं का उपयोग किया जाता है

हालाँकि, ऑल्टकॉइन के कई फीचर्स में समानता (overlapping) संभव है, लेकिन जब उनकी एक-दूसरे के साथ तुलना की जाती है, तो वे कई भिन्नताएं प्रस्तुत करते हैं।

अब बिटकॉइन के प्रतिस्पर्धी के रूप में हजारों ऑल्टकॉइन मौजूद हैं, फिर भी इसने सूची में इसका शीर्ष स्थान बना हुआ है।

क्रिप्टोकरेंसी के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है और गोपनीयता (privacy), तत्काल हस्तांतरण (transfers) और विभिन्न प्रमाणों जैसे संशोधनों पर ध्यान दिया जा रहा है।

सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन है। अधिकांश ऑल्टकॉइन का कार्य बिटकॉइन के क्लोन की तरह होता है लेकिन कुछ अंतर भी होते हैं,

सभी ऑल्टकॉइन का आविष्कार सिर्फ बाजार के रुझानों को भुनाने के लिए बिजनेस के व्यावसायिक निर्णय के कारण नहीं किया गया है, बल्कि इसका कुछ अन्य उद्देश्य है।

कुछ वैकल्पिक मुद्राओं का यह आविष्कार कुछ विशिष्ट समस्याओं को हल करने के लिए है। उदाहरण के लिए, कुछ ऐसे कॉइन्स हैं जो होस्टिंग और डोमेन खरीदने के लिए उपयोगी होते हैं।